Category:
Banking (बैंकिंग)
State:
Delhi
2026-06-01 08:27:16
दंडात्मक ब्याज पर सख्ती: ग्राहकों को मिली राहत, मनमानी वसूली पर लगेगी रोक
दंडात्मक ब्याज पर सख्ती: ग्राहकों को मिली राहत, मनमानी वसूली पर लगेगी रोक
RBI के निर्देशों से लोनधारकों को संरक्षण, उपभोक्ता आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया
जयपुर | NMS NEWS
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लोन भुगतान में देरी होने पर वित्तीय संस्थानों की मनमानी दंडात्मक ब्याज वसूली पर सख्ती दिखाई गई है। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब वित्तीय कंपनियां ग्राहकों से निर्धारित सीमा से अधिक दंडात्मक ब्याज नहीं वसूल सकेंगी। इस निर्णय से लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में देखा गया कि लोन की किश्त चूकने पर ग्राहकों पर अत्यधिक दंडात्मक ब्याज का बोझ डाला जाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाती थी। RBI ने स्पष्ट किया है कि दंडात्मक शुल्क पारदर्शी, न्यायसंगत और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
60 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज को आयोग ने माना अवैध
राजस्थान उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक वित्तीय कंपनी द्वारा वसूले जा रहे 60 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज को अवैध करार दिया। आयोग ने कहा कि RBI के प्रावधानों के अनुसार केवल निर्धारित सीमा तक ही अतिरिक्त ब्याज लिया जा सकता है। साथ ही संबंधित कंपनी को उपभोक्ता के दस्तावेज लौटाने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
उपभोक्ताओं को मिले कानूनी अधिकार
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई वित्तीय संस्था या रिकवरी एजेंसी नियमों के विपरीत दबाव बनाती है, मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती है अथवा अनुचित ब्याज वसूलती है, तो उपभोक्ता जिला उपभोक्ता आयोग या न्यायालय की शरण ले सकते हैं।
जागरूकता से ही मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। लोन लेते समय सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। RBI के नए दिशा-निर्देश वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
संवाददाता: श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS