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Category: Crime (अपराध)    State: Rajasthan

2026-09-21 03:19:03

जयपुर। साइबर ठगों ने जयपुर निवासी जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर कथित तौर पर 2.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महाराष्ट्र से तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

GSI के पूर्व ADG को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 2.12 करोड़ की ठगी, महाराष्ट्र से 3 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर। साइबर ठगों ने जयपुर निवासी जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर कथित तौर पर 2.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महाराष्ट्र से तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फर्जी जांच और गिरफ्तारी का भय दिखाया

पुलिस के अनुसार, ठगों ने पीड़ित को फोन कर खुद को जांच एजेंसी और पुलिस से जुड़ा अधिकारी बताया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके बैंक खाते और पहचान से जुड़े दस्तावेज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस्तेमाल हुए हैं। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर लगातार संपर्क में रखा गया।

आरोपियों ने वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर पीड़ित पर दबाव बनाया। जांच के नाम पर बैंक खातों, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग और अन्य वित्तीय जानकारी हासिल की गई। इसके बाद अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।

रकम को कई खातों के जरिए घुमाने का आरोप

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया गया। पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा रकम को आगे कहां भेजा गया।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बढ़ रहे साइबर अपराध

साइबर अपराधी अक्सर पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद फर्जी केस, गिरफ्तारी या मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर निगरानी रखने और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा वीडियो कॉल पर इस तरह ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे जमा कराने की प्रक्रिया वैध नहीं है।

पुलिस की अपील है कि ऐसे कॉल आने पर घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें। कॉल काटकर संबंधित विभाग या स्थानीय पुलिस से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें और साइबर ठगी की स्थिति में 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

नोट: उपलब्ध ऑनलाइन स्रोतों में इस विशेष ₹2.12 करोड़ वाले GSI पूर्व-ADG मामले की स्वतंत्र पुष्टि मुझे नहीं मिली; इसलिए ऊपर के ₹2.12 करोड़ और गिरफ्तारी संबंधी विवरण को आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई अखबारी रिपोर्ट के आधार पर रखा गया है। हालिया मुंबई के एक अलग डिजिटल-अरेस्ट मामले में पुलिस ने ₹1.12 करोड़ की ठगी के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है।

संवाददाता — श्रवण पंवार
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