Category:
Viral News (वायरल समाचार)
State:
Delhi
2026-09-16 05:38:21
जयपुर। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका से भारत को बच्चों से संबंधित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के संबंध में करीब 69 लाख रिपोर्ट/‘टिप्स’ प्राप्त हुईं। हालांकि, इन मामलों में कार्रवाई और चार्जशीट दाखिल होने का अनुपात बेहद कम बताया गया है।
अमेरिका से भारत को 69 लाख ‘टिप्स’ मिलीं, लेकिन चार्जशीट 1% तक भी नहीं पहुँची
जयपुर। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका से भारत को बच्चों से संबंधित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के संबंध में करीब 69 लाख रिपोर्ट/‘टिप्स’ प्राप्त हुईं। हालांकि, इन मामलों में कार्रवाई और चार्जशीट दाखिल होने का अनुपात बेहद कम बताया गया है।
रिपोर्ट में मेटा सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से मिलने वाली सूचनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जाती है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में शिकायतों पर आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाना चिंता का विषय है।
सूचना साझा करने की व्यवस्था में बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि संभावित अपराध से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां समय रहते जांच शुरू कर सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत
बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल होने के कारण जांच एजेंसियों के सामने बड़ी मात्रा में डिजिटल सूचनाओं को जांचने की चुनौती रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल रिपोर्ट प्राप्त होना पर्याप्त नहीं है; उसके बाद सत्यापन, पहचान, जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ना जरूरी है।
उपलब्ध रिपोर्ट में बताया गया आंकड़ा विशेष रूप से इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करता है कि बड़ी संख्या में प्राप्त सूचनाओं को प्रभावी जांच और अभियोजन तक पहुंचाने के लिए तकनीकी क्षमता तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS