Category:
Technology (प्रौद्योगिकी)
State:
Delhi
2026-09-16 04:51:45
नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन के लिए नया Merchant Discount Rate (MDR) ढांचा घोषित किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।
₹2,000 से ऊपर UPI भुगतान पर नया MDR नियम, 15 अक्टूबर से लागू होगा 0.4% शुल्क
नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026।
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन के लिए नया Merchant Discount Rate (MDR) ढांचा घोषित किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।
नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI लेन-देन पर 0.4% MDR निर्धारित किया गया है। हालांकि, बड़े लेन-देन में यह शुल्क अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। उदाहरण के तौर पर ₹3,000 के भुगतान पर MDR ₹12 और ₹50,000 के भुगतान पर ₹200 होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर अधिकतम ₹300 की सीमा लागू होगी।
आम ग्राहक पर सीधे शुल्क का प्रावधान नहीं
NPCI के नए ढांचे में यह शुल्क मर्चेंट पक्ष पर लागू किया गया है। सामान्य Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांसफर इस MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। ₹2,000 तक के P2M भुगतान भी MDR से बाहर रहेंगे।
वहीं रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी निर्धारित श्रेणियों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए प्रतिशत आधारित MDR के बजाय ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। छोटे व्यापारियों के लिए भी अलग प्रावधान रखे गए हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि निर्धारित MDR का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डाला जाए। नए ढांचे का उद्देश्य UPI भुगतान व्यवस्था के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और भविष्य के विस्तार की लागत को समर्थन देना बताया गया है।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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