Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-09-16 04:48:12
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के परिणामों में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा। उपलब्ध परिणामों के अनुसार कुछ वार्डों में प्रत्याशियों के बीच सिर्फ 5 से 76 वोटों का अंतर रहा, जबकि NOTA को भी 135 से 419 तक वोट मिले। इन करीबी मुकाबलों ने नगर निगम चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत को सामने ला दिया है।
जयपुर नगर निगम चुनाव: बेहद करीबी मुकाबलों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, कई वार्डों में मामूली वोटों से बदला नतीजा
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के परिणामों में कई वार्डों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा। उपलब्ध परिणामों के अनुसार कुछ वार्डों में प्रत्याशियों के बीच सिर्फ 5 से 76 वोटों का अंतर रहा, जबकि NOTA को भी 135 से 419 तक वोट मिले। इन करीबी मुकाबलों ने नगर निगम चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत को सामने ला दिया है।
प्राप्त चुनावी आंकड़ों के मुताबिक जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से 146 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। घोषित परिणामों में भाजपा ने 78, कांग्रेस ने 53 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की है। चार वार्डों में ईवीएम संबंधी कारणों से परिणाम लंबित रहे और वहां पुनर्मतदान की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
करीबी मुकाबलों में बदली तस्वीर
चुनाव परिणामों की समीक्षा में सामने आया कि कई वार्डों में प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशियों और बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया। इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों के पारंपरिक वोटों का विभाजन हुआ और कई वार्डों में जीत का समीकरण अंतिम दौर तक स्पष्ट नहीं रहा।
जयपुर के 150 वार्डों में कुल मुकाबले में भाजपा को बहुमत के लिए आवश्यक 76 सीटों से अधिक सीटें मिल चुकी हैं। उपलब्ध परिणामों के अनुसार भाजपा 78 वार्डों में विजयी रही, जबकि कांग्रेस के खाते में 53 और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 15 वार्ड आए हैं।
NOTA को भी मिला उल्लेखनीय समर्थन
करीबी मुकाबलों के बीच NOTA को मिले वोट भी चर्चा का विषय रहे। समाचार पत्र में दिए आंकड़ों के अनुसार कुछ वार्डों में NOTA को 135 से 419 वोट तक मिले। कई वार्डों में NOTA के वोट और जीत के अंतर की तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि मतदाताओं के एक हिस्से ने किसी भी प्रत्याशी को चुनने के बजाय NOTA का विकल्प इस्तेमाल किया।
बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रभावित किया समीकरण
चुनाव परिणामों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। समाचार में दिए विश्लेषण के अनुसार करीब 20 वार्डों में बागी प्रत्याशियों ने प्रमुख दलों के चुनावी समीकरण को प्रभावित किया, जिनमें कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशियों को नुकसान उठाना पड़ा।
राज्यभर के निकाय चुनावों में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर अपेक्षाकृत सीमित रहने के बावजूद वार्डों की जीत में बड़ा अंतर दिखाई दिया है।
चार वार्डों के परिणाम पर अभी नजर
जयपुर नगर निगम के वार्ड 9, 18, 25 और 34 के परिणाम ईवीएम संबंधी समस्या के कारण लंबित बताए गए हैं। उपलब्ध अपडेट के अनुसार इन वार्डों में 16 सितंबर को पुनर्मतदान और 17 सितंबर को मतगणना निर्धारित है।
जयपुर नगर निगम चुनाव के ये परिणाम बताते हैं कि शहरी निकाय चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी, बागी उम्मीदवार, निर्दलीय वोट और कम अंतर वाले मुकाबले पूरे चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले चरण में लंबित वार्डों के परिणाम और महापौर चुनाव की प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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