Category:
Army (सेना)
State:
Rajasthan
2026-09-12 03:04:43
जैसलमेर/जयपुर। भारतीय वायुसेना आधुनिक युद्ध और सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप ड्रोन तथा काउंटर-ड्रोन तकनीक की क्षमताओं को परखने के लिए 14 से 16 सितंबर 2026 तक जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में ‘ड्रोनथॉन-2026’ आयोजित करने जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के घरेलू रक्षा निर्माता, स्टार्टअप और नवोन्मेषक अपनी अत्याधुनिक मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) और काउंटर-यूएएस (CUAS) तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
पोखरण में दिखेगी स्वदेशी ड्रोन तकनीक की ताकत, 14 से 16 सितंबर तक होगा ‘ड्रोनथॉन-2026’
जैसलमेर/जयपुर। भारतीय वायुसेना आधुनिक युद्ध और सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप ड्रोन तथा काउंटर-ड्रोन तकनीक की क्षमताओं को परखने के लिए 14 से 16 सितंबर 2026 तक जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में ‘ड्रोनथॉन-2026’ आयोजित करने जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के घरेलू रक्षा निर्माता, स्टार्टअप और नवोन्मेषक अपनी अत्याधुनिक मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) और काउंटर-यूएएस (CUAS) तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
लाइव डेमोंस्ट्रेशन में परखी जाएगी तकनीक
ड्रोनथॉन-2026 में केवल तकनीकों की प्रदर्शनी ही नहीं होगी, बल्कि लाइव ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन भी किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों के माध्यम से विभिन्न प्रणालियों की वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में क्षमता और प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। आयोजन में निगरानी एवं टोही, स्वायत्त संचालन, स्वॉर्म ड्रोन तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला जैसी क्षमताओं पर विशेष ध्यान रहेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन तकनीक पर बढ़ा फोकस
हाल के सुरक्षा अनुभवों के बीच ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियां आधुनिक रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं। पोखरण में होने वाला यह आयोजन स्वदेशी तकनीकों को वास्तविक परिस्थितियों के करीब परखने और भविष्य की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप उनकी उपयोगिता समझने का अवसर देगा। हालांकि किसी तकनीक का प्रदर्शन या मूल्यांकन अपने आप में उसकी खरीद या वायुसेना में शामिल किए जाने की गारंटी नहीं है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा तकनीकी बल
ड्रोनथॉन-2026 को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी रक्षा उद्योग को मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन के जरिए सशस्त्र बलों और भारतीय उद्योग के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने, नए समाधान पहचानने तथा भविष्य के लिए अधिक सक्षम और तकनीकी रूप से उन्नत रक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर रहेगा।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर | NMS.NEWS