Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-09-12 02:56:11
जयपुर। खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर बाजार में एक बार फिर हलचल बढ़ने लगी है। जरूरी खाद्य पदार्थों के दामों में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। कुछ वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं पर्याप्त स्टॉक और बेहतर आपूर्ति के चलते गेहूं, चना दाल, आलू और टमाटर जैसी कुछ वस्तुओं के भाव अपेक्षाकृत नियंत्रित बने हुए हैं।
गेहूं-चावल के बाद अब दाल-तेल की कीमतों पर नजर, महंगाई की नई चुनौती
खाद्य बाजार में बदल रहे समीकरण; प्याज-तेल महंगे, जबकि गेहूं, चना दाल और टमाटर के भाव पर आपूर्ति का असर
जयपुर। खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर बाजार में एक बार फिर हलचल बढ़ने लगी है। जरूरी खाद्य पदार्थों के दामों में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। कुछ वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं पर्याप्त स्टॉक और बेहतर आपूर्ति के चलते गेहूं, चना दाल, आलू और टमाटर जैसी कुछ वस्तुओं के भाव अपेक्षाकृत नियंत्रित बने हुए हैं।
हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार प्याज की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। सितंबर के दूसरे सप्ताह में खुदरा प्याज का भाव करीब ₹52.66 प्रति किलो तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत अधिक है। महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में कमी और मानसून में देरी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
सरकार ने प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए उठाया कदम
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति कर रही है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बफर प्याज को रियायती दर पर बाजार में उतारा जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब खरीफ प्याज की नई आवक पर है, जिससे आने वाले समय में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
सरसों तेल और चावल के भाव भी बढ़े
खाद्य तेल और चावल की कीमतों में भी सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चावल का खुदरा भाव करीब ₹46.23 प्रति किलो और सरसों तेल करीब ₹202.14 प्रति किलो तक पहुंच गया है। दोनों वस्तुओं के दाम में पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गेहूं और चना दाल में राहत
महंगाई के बीच गेहूं और चना दाल उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत दे रहे हैं। गेहूं का खुदरा भाव करीब ₹31.71 प्रति किलो बताया गया है, जबकि चना दाल करीब ₹87.72 प्रति किलो के स्तर पर है। पर्याप्त सरकारी स्टॉक और बेहतर आपूर्ति को इसकी वजह माना जा रहा है।
आलू और टमाटर के भाव में भी पिछले वर्ष की तुलना में नरमी आई है। पर्याप्त उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक के कारण इन दोनों सब्जियों की कीमतों पर फिलहाल ज्यादा दबाव नहीं है।
आम परिवारों के बजट पर सीधा असर
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अलग-अलग दिशा में हो रहे बदलाव का सबसे बड़ा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। प्याज, खाद्य तेल और चावल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से रसोई का खर्च बढ़ सकता है। वहीं गेहूं, दाल और सब्जियों की कीमतों में स्थिरता उपभोक्ताओं को कुछ राहत दे सकती है।
आने वाले सप्ताहों में नई फसल की आवक, मानसून की स्थिति, सरकारी बफर स्टॉक और मंडियों में आपूर्ति खाद्य कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS