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Category: International News (अंतरराष्ट्रीय समाचार)    State: Delhi

2026-08-27 05:03:41

झालावाड़। जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित अंत्योदय अन्न योजना में अपात्र लोगों के नाम जुड़ने का मामला सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे परिवार भी योजना का लाभ लेते पाए गए, जो आयकरदाता होने के बावजूद गरीब श्रेणी में दर्ज थे। प्रशासनिक जांच में बड़ी संख्या में संदिग्ध नाम सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

फ्री राशन के लिए आयकरदाता भी बने गरीब! 463 टन गेहूं उठाने का खुलासा

अंत्योदय योजना में फर्जी लाभार्थियों का मामला सामने आया, ई-मित्र पोर्टल के डेटा की जांच में गड़बड़ी उजागर

झालावाड़। जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित अंत्योदय अन्न योजना में अपात्र लोगों के नाम जुड़ने का मामला सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे परिवार भी योजना का लाभ लेते पाए गए, जो आयकरदाता होने के बावजूद गरीब श्रेणी में दर्ज थे। प्रशासनिक जांच में बड़ी संख्या में संदिग्ध नाम सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में पात्रता की जांच के दौरान अमीर एवं संपन्न परिवारों को अंत्योदय श्रेणी में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने ई-मित्र पोर्टल और खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की।

463 टन गेहूं का उठाव

जांच में सामने आया कि अंत्योदय श्रेणी में शामिल परिवारों के नाम पर बड़ी मात्रा में गेहूं का उठाव हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 463 मीट्रिक टन गेहूं उठाए जाने की बात सामने आई है। कई लाभार्थियों के आयकरदाता होने की जानकारी भी जांच के दायरे में आई है।

खानपुर क्षेत्र में 970 नामों पर सवाल

रिपोर्ट में खानपुर क्षेत्र में करीब 970 नाम संदिग्ध बताए गए हैं। ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से अलग-अलग खातों में नाम परिवर्तन कर अपात्र लोगों को योजना की पात्र श्रेणी में जोड़ने की आशंका जताई गई है। कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों से जुड़े रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी की जानकारी सामने आई।

ई-मित्र पोर्टल का एक साल का डेटा खंगाला

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा योजना के पोर्टल पर दर्ज करीब एक वर्ष के डेटा की जांच की गई। जांच में लाभार्थियों की श्रेणी बदलने और पात्रता से संबंधित रिकॉर्ड में अनियमितताओं के संकेत मिले। प्रशासन अब संबंधित रिकॉर्ड और ई-मित्र केंद्रों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।

फर्जी लाभार्थियों पर कार्रवाई की तैयारी

प्रशासन की ओर से अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से हटाने तथा नियमों के अनुसार वसूली और अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की संभावना है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि अपात्र लोगों के नाम किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के माध्यम से योजना में शामिल हुए।

संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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