Category:
General
State:
Rajasthan
2026-05-27 08:42:29
11 दिनों तक रहेंगे धार्मिक आयोजन, मंदिरों में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और विशेष पूजा-अर्चना
सूर्य-चंद्र के दुर्लभ संयोग से बना विशेष योग, 8 साल बाद आया ज्येष्ठ अधिकमास का पावन अवसर
11 दिनों तक रहेंगे धार्मिक आयोजन, मंदिरों में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और विशेष पूजा-अर्चना
जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS NEWS
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इस वर्ष ज्येष्ठ अधिकमास का विशेष महत्व माना जा रहा है। सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण करीब 8 साल बाद यह दुर्लभ संयोग बना है, जिसे शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है। प्रदेशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और कथा-कीर्तन का दौर शुरू हो गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अधिकमास को भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य और आत्मिक शुद्धि के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और कई स्थानों पर 11 दिनों तक विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
धर्माचार्यों का कहना है कि अधिकमास के दौरान व्रत, पूजा, जप और ध्यान का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु इस अवधि में मंदिरों में दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं। जयपुर, वृंदावन, उज्जैन और नाथद्वारा सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भजन-संध्या और कथा आयोजन भी शुरू हो चुके हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार अधिकमास लगभग 32.5 महीने के अंतराल के बाद आया है, जिसके कारण इसे और अधिक खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह समय आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अनुकूल माना जाता है।
मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। कई स्थानों पर प्रसादी वितरण, जल सेवा और धार्मिक यात्राओं का आयोजन भी किया जा रहा है। धार्मिक माहौल के चलते बाजारों में पूजा सामग्री और धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी भी बढ़ गई है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस पावन अवसर पर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रदेशभर में अधिकमास को लेकर भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है।
— संवाददाता श्रवण पंवार, जयपुर | NMS NEWS